जानिए वेस्ट प्लास्टिक कचरे का कैसे होगा सदउपयोग?

 


प्लास्टिक वेस्ट का निस्तारण विश्व की सबसे बडी समस्या है।प्लाई बोर्ड का विकल्प तैयार होने से ऐसे प्लास्टिक वेस्ट का भी दोबारा प्रयोग संभव हो सका जो अब तक कचरा ही था।यह एक ऐसा अनुसंधान है जो भविष्य के लिए उपयोगी है। जिस प्लास्टिक के कचडे़।को देखकर कबाडी़ भी मुंह फेर लिया करते हैं। जैसे चिप्स,बिस्कुट पैकेट,दूध-लस्सी व शीतल पेय के ट्रेटा पैक की बहुस्तरीय पैकिंग और प्लास्टिक की बेकार हो चुकी बोरियों का प्रयोग कर आई आई टी कानपुर मे इंक्यूबेटेड कंपनी नोवा अर्थ ने इस प्रकार के प्लास्टिक कचरे को उपयोगी बना दिया है।कम्पनी ने ऐसा हार्ड बोर्ड तैयार किया है।

जो भवनों के निर्माण मे प्रयुक्त होने वाली शटरिंग का सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।यह बोर्ड अग्निरोधी होने के साथ ही पानी मे डूबे रहने पर भी खराब नहीं होता। मैकेनिकल इंजीनियर सार्थक गुप्ता और शाहिद जमाल ने मिलकर वेस्ट को बेस्ट बनाने का फार्मूला तैयार किया है।सार्थक ने इंजीनियरिंग करने के बाद न्यूक्लियर टरबाइन क्षेत्र मे कार्य किया।कानपुर शहर मे बिखरे प्लास्टिक कचरे को देखकर सार्थक के मन मे ख्याल आया कि क्यों न इस कचरे के निस्तारण पर कार्य किया जाये।

उन्होने दिल्ली मे  जाकर श्री राम इन्स्टीट्यूट मे एक साल तक प्लास्टिक निर्माण पर शोध किया। कोविड काल मे दिल्ली जाना न हो सका। सार्थक को शोध के दौरान ये पता चला कि जिस प्लास्टिक कचरे का दोबारा इस्तेमाल कहीं नहीं हो रहा है।वह खाने पीने की वस्तुओं की पैकिंग मे प्रयोग होने वाली प्लास्टिक है।उनके इस प्रोजेक्ट को केन्द्र सरकार के बायोटैक्नोलोजी विभाग से 50 लाख ₹ का अनुदान मिला।और फिर कार्य शुरू किया।पहले वे प्लास्टिक वेस्ट से कंक्रीट तैयार करने के प्रोजेक्ट पर काम तैयार कर रहे थे।फिर दिसम्बर 2022 मे  प्लाई बोर्ड  तैयार किया।फिर शटरिंग बनाने का कार्य शुरु किया जो जून 2023 मे बनकर तैयार हुआ जो सभी को पसंद आ रहा है। इसे तैयार करने के लिए प्लास्टिक कचरे के साथ 20 प्रतिशत कृषि अपशिष्ट पदार्थों,जैसे पराली को मिलाकर कच्चा माल तैयार किया जाता है।और इसे हाट कम्प्रेशर मशीन मे रखकर एक निश्चित तापमान पर 20 मिनट से लेकर सवा घण्टे तक रखा जाता है।इससे हार्ड बोर्ड का रुप बनकर तैयार किया जाता है।अभी 6 मिमी से 20 मिमी तक के बोर्ड बनाये जा रहे है़।जो भविष्य मे बहुत उपयोग होंगे।

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