बुद्ध प्रतिमायें तोड़ने वाला तालिबान कैसे कर रहा है कमाई?

 


अफगानिस्तान के बामियान में छठी शताब्दी के बने दो बुद्ध की मूर्तियों को तालिबान ने 2001 में डायनामाइट लगाकर उड़ा दिया था। दोनों बुद्ध की मूर्तियों की ऊंचाई लगभग 125 से 180 फीट के बीच में थी। तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के कहने पर मार्च 2001 में इन दोनों मूर्तियों को तबाह कर दिया गया था। यह मूर्तियां अफगानिस्तान में प्राचीन कला की क्लासिक बौद्ध गुप्त मिश्रित शैली का प्रतिनिधित्व करती है।

 इसके बड़े मूर्ति का नाम साल्सल (ब्रह्मांड में प्रकाश चमकता है )रखा गया था जबकि वही छोटी मूर्ति का नाम शाहमामा (रानी मां )रखा गया था। अब आर्थिक तंगी से जूझ रहा तालीबान अब बुद्ध की इन मूर्तियों को देखने के लिए टिकट बेच रहा है जिन्हें 22 साल पहले तालिबानी अधिकारियों ने ही तुड़वा दिया था।द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। बताया गया है कि अफगानिस्तान के बामियान इलाके में बुद्ध की मूर्तियां दूरिज्म के जरिए कमाई का जरिया बन रहीं हैं। तालिबान के कल्चर मिनिस्टर मुल्ला अजीजी ने एक इंटरव्यू में कहा बामियान और बुद्धा हमारी सरकार के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण है जितने कि दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं। 


उनकी सुरक्षा के लिए 1000 गार्ड नियुक्त किए गए हैं। यह इलाके में टिकट की निगरानी कर रहे हैं सूचना और सांस्कृतिक विभाग के निदेशक सैफुर रहमान मोहम्मदी ने कहा दो दशक पहले हुई घटना के बारे में अभी बात करने से कोई मतलब नहीं है। अब आगे बढ़ने का समय है बामियान अफगानिस्तान के सबसे गरीब प्रांतों में शामिल है हिंदकुश की पहाड़ियों के बीच बसे बामियान के ज्यादातर लोग सिर्फ आलू की खेती और कोयले का खनन पर निर्भर हैं। यूनेस्को ने 2003 में बामियान को ऐतिहासिक स्थल का दर्जा दिया था। अब बुद्ध की मूर्तियों के खाली जगह के सामने बंदूकधारी गार्ड तैनात हैं। यहां अफगान पर्यटकों के लिए 3 ₹और विदेशी पर्यटकों के लिए 282₹ का टिकट रखा गया है ।यहां पर 2015 के बाद से लेजर शो होता है पिछले साल 2लाख से भी ज्यादा अफगान पर्यटक बामियान पहुंचे थे। 

इनमें से हर व्यक्ति ने औसतन 5000₹ खर्च किए थे। अफगानिस्तान की मौजूदा तालिबान सरकार सत्ता में आने के बाद से बामियान को विकसित करने में जुटी है। हालिया सरकार दिखाना चाहती है कि वह पुराने तालिबान से ज्यादा उदारवादी हैं तालिबान में कई जगह लिखा मिलता है कि आतंकी तालिबान समूह ने बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ी हैं। हालांकि अब सब जगह पर आतंकी शब्द को खुरच दिया गया है। बामियान में पर्यटकों को बुद्ध से जुड़ी पेंटिंग्स और मूर्तियां बेचने के लिए दुकानें भी बनी है।

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