क्यों है जरुरी विश्व नर्सेज दिवस

 


विश्व नर्सेज डे यह 12 मई को मनाया जाता है।बीमार लोगों को जितना डाक्टर ठीक करने मे भूमिका निभाते है। ( रोग की पहचान, दवाई, आपरेशन आदि )कार्यों को करते हैं। उतना ही हास्पिटल के बैड पर दवाई कैसे लेनी है। गुलकोज, इन्जेक्शन को समय से लगाने आदि सेवाओं को वार्ड की नर्स ही करती हैं। नर्सों के सेवा,



 समर्पण, भाव को सम्मान देने के लिए  ही विश्व नर्सेज दिवस मनाया जाता है।इस दिन फ्लोरेंस नाइटिंगेल जो एक नर्स थी जिसने क्रीमिया युद्ध के दौरान बहुत सेवा और सराहनीय काम किया।उसने  घायलों के इलाज के लिए पूरे रात और दिन समर्पण भाव से कार्य किया।  फ्लोरेंस नाइटिंगेल को दुनिया की पहली नर्स भी जाता है। उन्होंने नर्सिंग को एक विषय के रूप में स्थापित किया था।



 यही वजह है कि उनके जन्मदिन को अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज डे के रूप में मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज डे को मनाने की शुरुआत मरीजों के प्रति नर्सेज की सेवा, साहस,सयर्पण, और उनके सराहनीय कार्यों के प्रति सम्मान जगाने के उद्देश्य से हर साल मनाया जाता है हॉस्पिटलों में मरीजों को ठीक करने में डॉक्टर की एक अहम और बड़ी भूमिका होती हैं।



 लेकिन इलाज के दौरान और उसके बाद नर्सों द्वारा  मरीजों के लिए कई सेवा कार्य किए जाते हैं ।जिन्हें नजर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। नर्स दिन-रात मरीजों की देखभाल और सेवा करती हैं। यही वजह है कि उनके सेवा भाव के प्रति आभार जाहिर करने और मेडिकल फील्ड की अहमियत पर जोर देने के लिए इस खास दिन को मनाया जाता है।इसकी शुरूआत 1974 से हुई। हर वर्ष इस दिवस की थीम होती है। 2023 में अंतरराष्ट्रीय नर्सरी दिवस की थीम है। (अवर नर्सेज अवर फ्यूचर )यानी  हमारी नर्से हमारा भविष्य। तय की गई है ।



यह अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस इंटरनेशनल काउंसलिंग ऑफ नर्सेज की ओर से हर साल  एक नई थीम निर्धारित की जाती है।  फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने ही नोबेल नर्सिंग सेवा की शुरुआत की थी।फ्लोरेंस नाइटिंगेल एक ब्रिटिश महिला थी जिन्होंने युद्ध में घायल व बीमार सैनिकों की सेवा में खुद को पूरी तरह से समर्पित कर दिया था । नाइटिंगेल लालटेन लेकर रात में भी अस्पताल में मरीजों का हाल देखने के लिए जाया करते थी। और उनकी हर संभव मदद करती थी।फ्लोरेंस नाइटिंगेल को लेडी विद द लैंप के नाम से भी जाना जाता है। 



फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई को हुआ था इसलिए साल 1974 में इंटरनेशनल काउंसलिंग आफ नर्स  ने 12 मई को उनकी जयंती के दिन अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस मनाने की घोषणा की ।1850 में हुई क्रीमिया युद्ध के दौरान  फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने तमाम नर्सों को प्रशिक्षित किया। और उनके प्रबंधक के रूप में काम किया। फ्लोरेंस नाइटिंगेल की नर्सिंग सेवा ने समाज में नसों को सम्मान दिलाया है। कोरोना काल मे विश्व भर मे नरसों ने बडे साहस, समर्पण भाव से मानव सेवा की थी। 



अतः ऐसे समाज प्रेरित, सेवा, समर्पण कार्यों को विश्व स्तर पर जन जागरुकता के माध्यम से सम्मान मिलना चाहिए।

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